Madhya Pradesh
Government of Madhya Pradesh
Department of Tribal Development

Scheme for Vocational Training in Tribal Areas
05/20/2013 13:43:04
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व्यावसायिक शिक्षा केन्द्र योजना(वीटीसी)
उद्देश्यः-
आदिवासी युवाओं को जो अपने हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने में असमर्थ रहते हैं। उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की दृष्टि से कुछ रोजगारेां के कौशल विकसित करने हेतु यह योजना भारत शासन द्वारा वर्ष 1999-2000 में चालू की गई है।

भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य:-
म.प्र. में संचालित 10 व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्रों के लिए 100 के मान से 1000 सीट्स स्वीकृत की गई है। प्रति प्रशिक्षणार्थी रूपये 30,000/-  प्रति वर्ष व्यय किया जाता है। अनुसूचित जनजाति युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने हेतु 10 प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन किया जा रहा हैं, जिनमें प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को दो ट्रेडों मे प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं । प्रत्येक ट्रेड में 50 सीट स्वीकृत हैं ।

संचालित ट्रेडस के नामः-

क्रमांक

स्थान

जिला 

संचालित ट्रेड

1

पीथमपुर

धार

  1. कम्प्यूटर
  2. विद्युत उपकरण
  3. रेडियो टीवी मरम्मत

2

धामनोद

धार

  1. रेडियो ट्रान्जिस्टर, एवं टीवी
  2. इलेक्ट्रीशियन मोटर वाइडिंग

3

बड़वानी

बड़वानी

  1. रेडियो ट्रान्जिस्टर
  2. टीवी
  3. विद्युत कार,
  4. इलेक्ट्रीक मोटर मरम्मत

4

सेंधवा

बड़वानी

  1. रेडियो ट्रान्जिस्टर,
  2. टीवी
  3. विद्युत कार
  4. इलेक्ट्रीक मोटर मरम्मत

5

झाबुआ

झाबुआ

  1. आईल इंजन
  2. विघुतकार, मरम्मत

6

सैलाना

रतलाम

  1. आईल इंजन
  2. मोटर बाइडिंग विघुतकार
  3. रेडियो,टीवी मरम्मत
  4. आटो मोवाईल

7

चुरहट

सीधी

  1. मोटर बाइडिंग विघुतकार
  2. रेडियो टीवी,,
  3. घड़ी मरम्मत

8

बैहर

बालाघाट

  1. कम्प्यूटर
  2. विघुतकार,
  3. रेडियो टीवी
  4. आटो मोबाईल मरम्मत

9

मण्डला

मण्डला

  1. रेडियो ट्रान्जिस्टर, एवं टीवी
  2. आईल इंजन
  3. इलेक्ट्रिशियन

10

सिझौरा

सिझौरा

  1. आईल इंजन
  2. विघुतकार
  3. रेडियो टीवी मरम्मत

प्रशिक्षण सह उत्पादन केन्द्र (टी.सी.पी.सी) योजना
उद्देश्यः-
कम पढ़े लिखे आदिवासी विद्यार्थियों को स्व रोजगार उत्पन्न करने के लिए इस योजना के अन्तर्गत 1 वर्ष का प्रशिक्षण दिया जाता है। भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य:- प्रदेश में संचालित 9 प्रशिक्षण केन्द्रों में 420 सीट्स स्वीकृत हैं। 

भौतिक एवं वित्तीय लक्ष्य:-
प्रदेश में संचालित 9 प्रशिक्षण केन्द्रों में 420 सीट्स स्वीकृत हैं।
हितग्राहियों की सुविधाः-
बालकों को 250/- रूपये और बालिकाओं को 260/- रूपये महीना छात्रवृत्ति दी जाती है। स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए रूपये 500/- की आर्थिक सहायता एवं आदिवासी वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

योजना के प्रशिक्षण केन्द्र:-
वर्तमान में 9 प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है।

क्र.

संस्था नाम जिला

स्वीकृत सीट्स

1

टी.सी.पी.सी. झाबुआ

96

2

टी.सी.पी.सी. बड़वानी

48

3

टी.सी.पी.सी. रावटी-रतलाम

12

4

टी.सी.पी.सी. मण्डला

120

5

टी.सी.पी.सी. डिण्डौरी

24

6

टी.सी.पी.सी. अमरकटंक अनूपपुर

12

7

टी.सी.पी.सी. सीधी

48

8

टी.सी.पी.सी. नरवाली

20

9

टी.सी.पी.सी. बैहर बालाघाट

40

 

कुल स्वीकृत सीट्स

420


संचालित ट्रेडस के नामः-
वर्तमान में निम्न लिखित ट्रेड्स स्वीकृत है।

क्र.

नाम ट्रेड्स

स्वीकृत सीट्स

1-

सुतारी

70

2

सिलाई

82

3

लोहारी

50

4

बुनाई

36

5

राजगीरी

58

6

गुडिया बनाना

12

7

ब्रश बनाना

12

8

सीट मेटल

12

9

रेशम उद्योग का कार्य

24

10

चटाई उद्योग

20

11

कढ़ाई

24

12

बेंत बांस

 

 

योग सीट्स

420